हे पवन पुत्र हनुमान राम के भक्त निराले लिरिक्स
हे पवन पुत्र हनुमान राम के भक्त निराले लिरिक्स हे पवन पुत्र हनुमान राम के भक्त निराले,संकट मोचन हनुमान विपत्ती हरने वाले,राम के भक्त निराले… उगते सूरज को फल समझा,उड़ गए और मुंह में रखा,देवों की विनय सुन रवि को मुक्ति देने वाले,राम के भक्त निराले… बजरंगी बल के सागर हो,तुम ज्ञान बुद्धि के आगर … Read more